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Showing posts from May, 2022

युवाओं को जाली वीजा थमाकर धोखाधड़ी:सिंगापुर का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर सगे भाइयों से 2.25 लाख रुपए लेकर नकली वीजा थमाया, 2 गिरफ्तार

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 युवाओं को जाली वीजा थमाकर धोखाधड़ी:सिंगापुर का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर सगे भाइयों से 2.25 लाख रुपए लेकर नकली वीजा थमाया, 2 गिरफ्तार ठगी करने के मामले में पकड़े गए आरोपी रोहित व मनदीप सेक्टर-10 के मकान नंबर 601/बी के रहने वाले दो सगे भाइयों को सिंगापुर का वर्क परमिट दिलाने के नाम पर शातिर एजेंटों ने 2.25 लाख रुपए ठग लिए। इस मामले में सिटी पुलिस ने राजीव तुकायंत की शिकायत पर जगाधरी गेट पर ईजी टू इमीग्रेट कंसलटेंसी ऑफिस चलाने वाले आरोपी धर्मवीर, शिवानी, विजय शर्मा, रोहित शर्मा, मंदीप व बिट्टू के खिलाफ साजिशन धोखाधड़ी, जालसाजी व विश्वास हनन की धाराओं में केस दर्ज किया है। सिटी थाना पुलिस के मुताबिक इस मामले में आरोपी करनाल के औंगद निवासी रोहित व कलायत के सीता नगर निवासी मनदीप को कैथल में खोले इमीग्रेशन ऑफिस से गिरफ्तार कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। शिकायतकर्ता राजीव के मुताबिक वे दोनों भाई शादीशुदा हैं और उसका बड़ा भाई दिनेश कुमार मेहनत मजदूरी का काम करता है, जबकि वह खुद बीए पास है। वे दोनों भाई वर्क परमिट पर सिंगापुर जाना चाहते थ। इस बारे में उन्होंने अपने परिवार को बता दिया था। ...

10:3 रुपए की किताब से आइडिया लेकर इलाहाबाद में होटल खोलने वाले थे चंद्रशेखर, फैसला बदलकर लेखक बनने पहुंचे पर शर्त से पीछे हट गए

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10:3 रुपए की किताब से आइडिया लेकर इलाहाबाद में होटल खोलने वाले थे चंद्रशेखर, फैसला बदलकर लेखक बनने पहुंचे पर शर्त से पीछे हट गए  देश की राजनीति के सबसे अनोखे राजनेता थे। हमेशा अपने मन की ही उन्होंने की। छात्र राजनीति से संघर्ष शुरू हुआ और प्रधानमंत्री की कुर्सी पर जाकर खत्म हुआ। यूनिवर्सिटी के दौर में चंद्रशेखर का विजन तो क्लीयर था लेकिन वह पैसों की कमी से जूझते रहे। कभी होटल खोलना चाहा तो कभी पैसे कमाने के लिए लेखक बनना चाहा। हालांकि, बन नहीं सके। राजनीति के किरदार और किस्से की सीरीज में आज से पूर्व पीएम चंद्रशेखर की बात होगी। जब वह होटल खोलने और लेखक बनने निकले थे। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी आए लेकिन दोस्ती के कारण वापस चले गए 21 साल की उम्र में चंद्रशेखर बलिया के इब्राहिम पट्टी गांव से 1948 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में पढ़ने इलाहाबाद आए। अब इस शहर का नाम प्रयागराज हो गया है। चंद्रशेखर जब बलिया से यहां आ रहे थे, तभी बलिया में सतीश चंद्र कॉलेज खुल गया। इनके दोस्त गौरीशंकर राय ने वहीं बीए में एडमिशन ले लिया। गौरीशंकर ने चंद्रशेखर से कहा, राजनीति में पूरा हिस्सा लेना है तो बलिया वापस आ जा...

मैं सुसाइड करना चाहती हूं...:BPSC पेपर लीक के बाद लड़कियां बोलीं-अब सब खत्म हो गया है, शादी करा देंगे घरवाले

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 मैं सुसाइड करना चाहती हूं...:BPSC पेपर लीक के बाद लड़कियां बोलीं-अब सब खत्म हो गया है, शादी करा देंगे घरवाले पटना पटना में 6 साल से रहकर BPSC की तैयारी कर रहीं भागलपुर की साक्षी और श्रेया को पेपर लीक के बाद परिवार वालों ने घर बुला लिया है। दोनों पर शादी का दबाव है। 16 मई की रात दोनों ने किरण हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया और कहा-हमारे मन में सुसाइड का ख्याल आ रहा है। फिर मनोचिकित्सक ने दोनों बहनों और परिवार की अलग-अलग काउंसिलिंग की। श्रेया-साक्षी और सीमा के मन में सुसाइड और कैरियर खत्म होने का ख्याल आने का यह इकलौता मामला नहीं है। BPSC पेपर लीक के बाद 10 दिन में 250 से ज्यादा ऐसे ही फोन आए हैं। इसमें से ज्यादातर लड़कियां हैं, जो बीपीएससी की तैयारी कर रही थीं। कैंडिडेट्स डिप्रेशन में हैं। BPSC पेपर लीक के बाद भविष्य की चिंता को लेकर वह अब सुसाइड तक की सोच रहे हैं। दैनिक भास्कर ने जब मनोचिकित्सकों के साथ एक्सपर्ट से बात की तो चौंकाने वाले मामले सामने आए... जानिए आखिर किन वजहों से ऐसे विचार आते हैं और इससे बचने के लिए क्या करें? इससे पहले पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय जरूर दें.... जानिए कैस...

ITBP की अनूठी पहल, सेवानिवृत्त डॉग्स अब बच्चों के लिए करेंगे ये काम, हर हफ्ते जाएंगे अस्पताल

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भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने एक विशेष मानवीय पहल करते हुए अपने सेवानिवृत्त डॉग्स को बच्चों के एक चिकित्सा केंद्र में भेजने की प्रथा शुरू की है. आज बल के 4 सेवानिवृत्त डॉग्स - सुल्तान और रोज़ी-दोनों लैब्राडोर, स्पीड-एक जर्मन शेफर्ड डॉग और तूफ़ान-एक मेलिनोईस ने विशेष बच्चों के संस्थान का दौरा किया और स्थानीय ऑटिज़्म, सेरेब्रल पाल्सी और पुनर्वास और इन्टेलेक्चुअल डिसेबिलिटी चिकित्सीय केंद्र में बीमार बच्चों के बीच खुशी बिखेर दी. ITBP ने राष्ट्रीय 'आइस हॉकी चैम्पियनशिप - 2022' जीती ITBP ने विशेष बच्चों के लिए इस सरकारी चिकित्सा संस्थान के साथ यह पहल इस उद्देश्य से की है कि इसके अनुभवी बच्चों के बीच खुशियाँ बिखेरें और उनके जीवन को बेहतर बना सकें. ये डॉग्स अब से सप्ताह में 3 दिन बच्चों को देखने केंद्र आया करेंगे. ITBP के ये 4 डॉग्स कई वर्षों तक उग्रवाद विरोधी क्षेत्रों में सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं और सेवा के दौरान कई विस्फोटकों और अम्बुश आदि का पता लगाया है. वे वर्तमान में राष्ट्रीय डॉग प्रशिक्षण केंद्र (एनटीसीडी), भानु, पंचकुला में अपनी सेवा की 'दूसरी पारी...