युवाओं को जाली वीजा थमाकर धोखाधड़ी:सिंगापुर का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर सगे भाइयों से 2.25 लाख रुपए लेकर नकली वीजा थमाया, 2 गिरफ्तार
युवाओं को जाली वीजा थमाकर धोखाधड़ी:सिंगापुर का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर सगे भाइयों से 2.25 लाख रुपए लेकर नकली वीजा थमाया, 2 गिरफ्तार
ठगी करने के मामले में पकड़े गए आरोपी रोहित व मनदीप
सेक्टर-10 के मकान नंबर 601/बी के रहने वाले दो सगे भाइयों को सिंगापुर का वर्क परमिट दिलाने के नाम पर शातिर एजेंटों ने 2.25 लाख रुपए ठग लिए। इस मामले में सिटी पुलिस ने राजीव तुकायंत की शिकायत पर जगाधरी गेट पर ईजी टू इमीग्रेट कंसलटेंसी ऑफिस चलाने वाले आरोपी धर्मवीर, शिवानी, विजय शर्मा, रोहित शर्मा, मंदीप व बिट्टू के खिलाफ साजिशन धोखाधड़ी, जालसाजी व विश्वास हनन की धाराओं में केस दर्ज किया है। सिटी थाना पुलिस के मुताबिक इस मामले में आरोपी करनाल के औंगद निवासी रोहित व कलायत के सीता नगर निवासी मनदीप को कैथल में खोले इमीग्रेशन ऑफिस से गिरफ्तार कर एक दिन के रिमांड पर लिया है।
शिकायतकर्ता राजीव के मुताबिक वे दोनों भाई शादीशुदा हैं और उसका बड़ा भाई दिनेश कुमार मेहनत मजदूरी का काम करता है, जबकि वह खुद बीए पास है। वे दोनों भाई वर्क परमिट पर सिंगापुर जाना चाहते थ। इस बारे में उन्होंने अपने परिवार को बता दिया था। उनके पिता ने उन्हें कहा कि इसके लिए उसे अपने सगे संबंधियों से पैसा इक्ट्ठा करना होगा और वे किसी अच्छे एजेंट से बात कर लें। उन्हें इस दौरान जगाधरी गेट स्थित ईजी टू इमीग्रेट कंसलटेंसी का पता चला था। 9 अप्रैल 2022 को वह अपने बड़े भाई दिनेश व पिता सुरेंद्र पाल के साथ इस ऑफिस में गया जहां उसे धर्मवीर शर्मा, विजय शर्मा, रोहित शर्मा, मंदीप, बिट्टू व शिवानी मिले थे।
जिन्होंने सिंगापुर का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर 1.20 लाख रुपए प्रति सदस्य मांगे। उन्होंने इस पर सहमति जताई तो वे 12 अप्रैल 2022 को उन्हें मेडिकल के लिए कुरुक्षेत्र स्थित इंडो अमेरिकन हेल्थ केयर लेकर गए। इसके तीन दिन बाद इन लोगों ने ऑफर लेटर मंगवाने के नाम पर उनसे 5-5 हजार रुपए ले लिए। दोनों भाइयों के पासपोर्ट अपने पास रख कर बदले में ऑफर लेटर व रसीद दे दी।
इसके कुछ दिन बाद शिवानी व धर्मवीर के मोबाइल से फोन आया कि उनका वर्क वीजा आ गया है और पेमेंट लेकर आओ। 7 मई 2022 को उन्होंने धर्मवीर शर्मा व शिवानी को 1 लाख व दो दिन बाद 1.15 लाख रुपए दिए थे। शिवानी ने ऑफिस के लेटर पैड पर इस रकम की रसीद दी थी। इसके बाद उन्हें इन लोगों ने उनके पासपोर्ट व सिंगापुर का वीजा दे दिया था। जो कहने लगे कि उन्हें जल्द ही टिकट करवाकर दे देंगे। इसके बाद वे उनके ऑफिस के चक्कर काटते रहे लेकिन उनका ऑफिस बंद मिला। उन्हें इस दौरान दुकान का मालिक सुल्लर निवासी संदीप सिंह मिला और उन्हें सारी बात बताई।
वे संदीप सिंह के साथ आरोपियों को तलाशने लगे और 14 मई को उन्हें रुड़की का पंकज व आशीष चौधरी, कुुरुक्षेत्र निवासी अमन कुमार, उत्तर प्रदेश के महाराजगंज निवासी बलदेव, पशुपति नाथ, विनोद, सोमनाथ व कुशीनगर के भगवती प्रसाद समेत कई लोग मिले और इन लोगों ने बताया कि वे उनका पैसा भी ले गए हैं। उन्हें भी इन लोगों ने जाली वीजा लगाकर दिया हुआ है। जिनके मोबाइल नंबर बंद आ रहे थे। उन्हें पता चला कि इन लोगों ने प्रेम नगर में एसके टूर एंड ट्रैवल्स व सिटी मेन पावर इमीग्रेशन के नाम से भी ऑफिस बनाए हुए थे और अब बंद हैं। वहीं, सिटी पुलिस ने जांच के दौरान एचआरके इमीग्रेशन कैथल से रोहित शर्मा व कलायत के मंदीप मौके पर मिले, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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